जोधपुर में व्यापार सुविधा केंद्र (टीएफसी) का उद्घाटन

Inauguration of TRADE FACILITATION CENTER (TFC) in Jodhpur

श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ,माननीय केंद्रीय जलशक्ति मंत्री और श्रीमती दर्शनावीजरदोश, माननीय केंद्रीय कपड़ा और रेल राज्य मंत्री ने संयुक्त रूप से जोधपुर में Trade Facilitation Centre (TFC) का उद्घाटन किया

जोधपुर -9अप्रैल, 2022

– जोधपुर क्लस्टर के हस्तशिल्प उत्पादों के विकास, प्रचार और विपणन की सुविधा के लिए, हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने विकासआयुक्त (हस्तशिल्प) के सहयोग से एक बुनियादी ढांचा परियोजना की स्थापना की है।जो कि Trade Facilitation Centre (TFC) के रूप में जाना जाएगा, जो जोधपुर, राजस्थान के बोरानाडा में स्थित है।यह टीएफसी खरीदारों, डिजाइनरों और संसाधन व्यक्तियों की मेजबानी करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों की तुलना में आवश्यक बुनियादी ढांचा और समर्थन सेवाएं प्रदान करेगा और सभी आवश्यक सहायता सेवाएं प्रदान करेगा।

श्री गजेंद्रसिंह शेखावत, माननीय केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और श्रीमती दर्शनावीजरदोश, माननीय केंद्रीय कपड़ा और रेल राज्यमंत्री ने संयुक्त रूप से श्री शांतमनु, विकासआयुक्त (हस्तशिल्प), श्री राजकुमार मल्होत्रा, अध्यक्ष-ईपीसीएच, श्री राकेश कुमार महानिदेशक – ईपीसीएच, ईपीसीएच के सीओए सदस्य और जोधपुर के प्रमुख निर्यातकों की उपस्थिति में बोरानाडा, जोधपुर में Trade Facilitation Centre (TFC) का उद्घाटन किया। उद्घाटन के अवसर पर माननीय केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने कहा कि चूंकि यह सुविधा मेरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थापित की गई है और मुझे अतिरिक्त खुशी है कि इस तरह की पहल से स्किलिंग और मार्केटिंग के अवसर उपलब्ध होंगे. मौजूदा निर्यातकों और उभरते उद्यमियों दोनों को और सभी सेइस केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया। श्री शेखावतजी ने जोधपुर के निवासियों की उद्यमिता की प्रशंसा की और उन्हें यह विस्वास है कि यहाँ से आने वाले वर्षो में निर्यात के दर निरन्तर बढ़ती रहेगी। उन्हों ने माननीय केंद्रीय कपड़ा और रेल राज्यमंत्री से जोधपुर शहर के लिए टैक्सटाइल पार्क और वंदे भारतट्रैन देने का अनुरोध किया

श्रीमती केंद्रीय कपड़ा और रेल राज्यमंत्री,श्रीमती दर्शनावीजरदोश ने कहा कि Trade Facilitation Centre (TFC) इस मेगा क्लस्टर से निर्यात में एक नए युग की शुरुआत करेगा क्योंकि यह सुविधा मौजूदा निर्यातकों को विभिन्न विपणन पहलों  के माध्यम से निर्यात बढ़ाने के लिए सक्षम और प्रोत्साहित करेगी। आने वाले वर्षों में इस स्थल पर। उन्होंने आगे कहा कि, यह स्थल शहर  के नवोदित उद्यमियों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करेगा, क्यों कि जोधपुर उद्यमशीलता की भूमि है और यह स्थल भविष्य में शहर में युवा दिमागों को हस्तशिल्प को एक व्यवहार्य व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा। वस्त्रमंत्री ने अपने बयान में भारत सरकार की विभिन्न स्कीमों जैसे प्रोडक्शन लिंक्डइंसेंटिव स्कीम, PM Mitra Park, वन स्टेशन वन प्रोडक्ट का उल्लेख करते हुए बताया जोधपुर शहर और राजस्थान प्रदेश से हस्तशिल्प निर्यात की अप्पार संभावनाएं हैं

श्री शांतमनु, विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) ने अपने बयान में बताया कि जोधपुर को जो नया उपहार टीएफसी प्रदान किया गया है, उसके लिए हम अगले साल एक विस्त्रृत कार्ययोजना तैयार करेंगे ताकि निर्यातक और कारीगर इस केंद्र में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से लाभ मिल सके।

श्री राजकुमार मल्होत्रा, अध्यक्ष – ईपीसीएच ने बताया कि जोधपुर क्लस्टर के हस्तशिल्प उत्पादों के विकास, प्रचार और विपणन की सुविधा के लिए, हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के सहयोग से Trade Facilitation Centre (TFC)  की स्थापना की है।यह केंद्र व्यापार मेलों, खुदरा प्रदर्शनियों, खरीदार-विक्रेता बैठकों, विशेष प्रचार कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और सम्मेलनों का आयोजन करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह स्थल जोधपुर में उद्यमिता को बढ़ावा देने, हस्तशिल्प के निर्यात की सुविधा और कई अन्य लोगों को आजीविका प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

इस अवसर पर, श्री राकेशकुमार, महानिदेशक-ईपीसीएच ने कहा कि परिषद ने वर्षों से जोधपुर में हस्तशिल्प क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न पहल की हैं, जिसमें एक सामान्य सुविधा केंद्र, अंतर्राष्ट्रीय फर्नीचर मेला, लकड़ी के हस्तशिल्प के लिए Vriksh योजना शामिल है, नियमित कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम। इस केंद्र के उद्घाटन के साथ,  जो जोधपुर शहर की एक और उपलब्धि होगि, निश्चित रूप से फॉरवर्ड लिंकेज के साथ बैकवर्ड लिंकेज के संमिलन की हमारी पहल को गति प्रदान करेगा और इस तरह शहर से निर्यात बढ़ाने में योगदान देगा।उन्होंने आगे माननीय केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से dalbergia sissoo को CITES Appendix-II की सूची को हटाने के लिए मदद मांगी

श्रीमती दर्शनावीजरदोश,माननीय केंद्रीय कपड़ा और रेल राज्यमंत्री ने जोधपुर दौरे के दौरान आस पास के कुछ शिल्प  समूहों का भी दौरा किया, जिन्हें कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार की सीएचसीडीएस योजना के तहत बढ़ावा दिया गया था।उन्हों ने शहर की कुछ प्रमुख लकड़ी के हस्तशिल्प निर्माण इकाइयों का भी दौरा किया

ईपीसीएच के महानिदेशक श्री राकेश कुमार ने सूचित किया कि चालू वित्त वर्ष 2021-22 के अप्रैल-मार्च (अनंतिम) के लिए हस्तशिल्प  का निर्यात रु. 32,417 करोड़ (US$4347 मिलियन) पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 26.24% (रुपये में) और 25.66% (डॉलर में) की वृद्धि दर्ज की है।

हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) देश से हस्तशिल्प के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक नोडल एजेंसी है और देश में घरेलू, जीवन शैली, वस्त्र और फैशन आभूषण और सहायक उत्पादों जो की देश के विभिन्न शिल्प समूहों में लगे लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के प्रतिभाशाली हाथों के जादू को सारे विश्व मैं पहुंचाती है।

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