श्री पीयूष गोयल ने संसद में अंतरिम बजट 2019-20 पेश किया

Shri Piyush Goyal presented the Interim Budget 2019-20 in Parliament

केंद्रीय वित्त, कॉरपोरेट मामले, रेल और कोयला मंत्री श्री पीयूष गोयल ने संसद में अंतरिम बजट 2019-20 पेश किया

1.छोटे और सीमांत किसानों को निश्चित सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की घोषणा की गई

2 हेक्टेयर तक कृषि भूमि धारक छोटी जोत वाले किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये प्रत्यक्ष आय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी

लगभग 12 करोड़ छोटे और सीमांत किसान परिवारों के लाभान्वित होने की उम्मीद

 

2.सरकार ने वर्ष 2019-20 में रेलवे के लिए 64,587 करोड़ रुपये आवंटित किए

वर्ष 2019-20 में पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए अवसंरचना आवंटन को 21 प्रतिशत बढ़ाकर 58,166 करोड़ रुपये कर दिया गया है

 

3.करीब 3 करोड़ लघु और मध्यम वर्ग के करदाताओं को 23,000 करोड़ रुपये से अधिक की राहत

छोटी बचतों पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस सीमा बढ़ी

आवास और रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा

वित् मंत्री ने मध्यम वर्ग और छोटे करदाताओं के लिए करों में राहत की घोषणा की

4.अंतरिम बजट 2019-20 में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण मिशन के लिए 1330 करोड़ रुपये

 

5.सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए कई उपाय किए

सभी केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों तक जीईएम प्लेटफॉर्म का विस्तार किया

सरकारी उपक्रमों द्वारा महिलाओं के स्वामित्व वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों से एक निर्धारित अनुपात में सामग्रियों की खरीद की जाएगी

 

6.नीति आयोग के तहत एक समिति का गठन किया जायेगा जिसका काम गैरअधिसूचित, घुमंतू और अर्धघुमंतू को औपचारिक रूप से वर्गीकृत करना होगा

  1. मुद्रा योजनाके तहत 7,23,000 करोड़ रुपये के 15.56 करोड़ ऋण वितरित किए गए हैं

    सरकार नेआर्टिफिशियल इंटेलिजेंसपर राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू करने की परिकल्पना की है

 

8.पिछले पांच वर्षों के दौरान श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में सर्वाधिक 42 % की वृद्धि हुई

9.सरकार का 15,000 रुपये तक की मासिक आय वाले असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन वृहद पेंशन योजना शुरू करने का प्रस्ताव; इससे 10 करोड़ श्रमिक और कामगार लाभान्वित होंगे

 

10.उच्च विकास दर के साथ भारत पूरी दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : वित्तमंत्री

राजकोषीय घाटा कम होकर 3.4 प्रतिशत पर; औसत मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत

पांच वर्षों में एफडीआई 239 बिलियन डॉलर

बैंकों को तीन लाख करोड़ रुपये ऋण का भुगतान प्राप्त हुआ

11.सबसे बड़े टैक् सुधारजीएसटीसे कर आधार के साथसाथ कर संग्रह भी बढ़ा है और कारोबार करना आसान हो गया है

दरों में निरंतर कमी करने से उपभोक्ताओं को हर वर्ष लगभग 80,000 करोड़ रुपये की राहत मिल रही है

गरीबों और मध्यम वर्ग के दैनिक उपयोग वाली ज्यादातर वस्तुओं पर अब शून् अथवा 5 प्रतिशत टैक् लगता है

चालू वित्त वर्ष में औसत जीएसटी संग्रह 97,100 करोड़ रुपये मासिक आंका गया है, जबकि प्रथम वर्ष में यह आंकड़ा प्रति माह 89,700 करोड़ रुपये था

घर खरीदने वालों पर जीएसटी का बोझ घटाने के मुद्दे पर गौर करने और सिफारिशें पेश करने के लिए जीएसटी परिषद एक मंत्री समूह का गठन करेगी

 

  1. इस वर्ष कर वसूली 2013-14 के 6.38 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 12 लाख करोड़ रुपये हो गई

    कर आधार में 80 प्रतिशत वृद्धि ; रिटर्नों के दाखिले की संख्या 3.79 करोड़ से बढ़कर 6.85 करोड़ हुई

    अगले दो वर्षों के भीतर छटाई के लिए चयनित रिटर्नों का सत्यापन और मूल्यांकन इलेक्ट्रोनिक विधि से किया जाएगा

  2. ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्‍क और प्रक्रियाओं को युक्तिसंगत बनाया जाएगा

    14.निर्यात तंत्र में सुधार के लिए आरएफआईडी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा

 

15.काले धन के खिलाफ उठाये गये कदमों से 1.3 लाख करोड़ रूपये की अघोषित आय, कर के दायरे में शामिल

6,900 करोड़ रुपये की बेनामी परिसंम्पत्तियों और 1,600 करोड़ रुपये की विदेशी परिसंम्पत्तियों को जब्त किया गया

वित् वर्ष 2017-18 में प्रत्यक्ष कर संग्रहण में 18 प्रतिशत की वृद्धि

विमुद्रीकरण के कारण वित्त वर्ष 2017-18 में पहली बार 1.06 करोड़ लोगों ने आयकर दाखिल किया

16.आगामी पांच वर्ष के दौरान 1 लाख गांवों को डिजिटल बनाया जाएगा

बैंकों के राष्ट्रीयकरण की आधी सदी के बाद जेएएमडीबीटी ने दूरगामी परिवर्तन किए हैं

पिछले पांच वर्षों के दौरान जन धन योजना के तहत 34 करोड़ नये बैंक खाते खोले गये; आधार की पहुंच सार्वभौमिक है

विदेशी फिल्म निर्माताओं के समान भारतीय फिल्म निर्माताओं को भी एक खिड़की क्लियरेंस सुविधा, पायरेसी को रोकने के लिए सिनेमेटोग्राफ अधिनियम को संशोधित किया जाएगा

17.सरकार ने अगले दशक के लिए परिकल्पना पेश की

संसद में अंतरिम बजट 2019-20 पेश करते हुए कहा कि सरकार ने 2030 में 10 सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण आयामों को सूचीबद्ध करते हुए अगले दशक के लिए अपनी परिकल्‍पना पेश की है। उन्‍होंने कहा कि हम एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे जहां गरीबी, कुपोषण, गंदगी और निरक्षरता बीते समय की बातें होगी। उन्‍होंने कहा कि भारत एक आधुनिक, प्रौद्योगिक से संचालित, उच्‍च विकास के साथ एक समान और पारदर्शी समाज होगा।

वित्‍त मंत्री ने कहा कि भारत अगले पांच वर्षों में पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था होने की ओर अग्रसर है और इसके पश्‍चात यह 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होगी।

श्री गोयल द्वारा उल्‍लेखित परिकल्‍पना-2030 के आयाम निम्‍नलिखित हैं :-

 

  1. इस परिकल्‍पना के प्रथम आयाम के अंतर्गत 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और सहज-सुखद जीवन के लिए भौतिक तथा सामाजिक अवसंरचना का निर्माण करना है।
  2. परिकल्‍पना के दूसरे आयाम के अंतर्गत एक ऐसे डिजिटल भारत का निर्माण करना है जहां हमारा युवा वर्ग डिजिटल भारत के सृजन में व्‍यापक स्‍तर पर स्टार्ट-अप और इको-सिस्टम मे लाखों रोजगारों का सृजन करते हुए इसका नेतृत्व करेगा।
  3. भारत को प्रदूषण मुक्त राष्ट्र बनाने के लिए इलैक्ट्रिकल वाहनों और नवीकरण ऊर्जा पर विशेष ध्‍यान देना।
  4. आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके ग्रामीण औद्योगीकीकरण विस्तार के माध्‍यम से बड़े पैमाने पर रोजगारों का सृजन करना।
  5. सभी भारतीयों के लिए सुरक्षित पेयजल के साथ स्वच्छ नदियां और लघु सिंचाई तकनीकों को अपनाने के माध्‍यम से सिंचाई में जल का कुशल उपयोग करना।
  6. सागरमाला कार्यक्रम के प्रयासों में तेजी लाने के साथ भारत के तटीय और समुद्री मार्गों के माध्‍यम से देश के विकास को सशक्‍त बनाना।
  7. हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम-गगनयान, भारत दुनिया के उपग्रहों को छोड़ने का “लांच पैड” बन चुका है और 2022 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में भेजना इस आयाम को दर्शाता है।
  8. सर्वाधिक जैविक तरीके से खाद्यान्न उत्‍पादन और खाद्यान्न निर्यात में भारत को आत्म निर्भर बनाना और विश्व की खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खाद्यान्नों का निर्यात करना।
  9. 2030 तक स्वस्थ भारत और एक बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल एवं व्यापक आरोग्यकर प्रणाली के साथ-साथ आयुष्‍मान भारत और महिला सहभागिता भी इसका एक महत्‍वपूर्ण घटक होगा।
  10. भारत को न्यूनतम सरकार, अधिकतम अभिशासन वाले एक ऐसे राष्ट्र का रूप देना जहां एक चुनी हुई सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले सहकर्मियों और अधिकारियों के अभिशासन को मूर्त रूप दिया जा सकता है।

 

18.2019-20 और उसके बाद के वर्षों के लिए राजकोषीय कार्यक्रम

2019-20 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.4 प्रतिशत तय किया गया

2019-20 के बजट अनुमान में कुल व्यय 2018-19 के संशोधित अनुमान की तुलना में 13.30 प्रतिशत बढ़ गया है

एससी के कल्याण के लिए आवंटन में 35.6 प्रतिशत और एसटी के कल्याण के लिए आवंटन में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी

2019-20 के लिए 90,000 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष् तय

राजकोषीय संकेतक – जीडीपी के प्रतिशत के रूप में रोलिंग लक्ष्‍य

  संशोघित अनुमान

 

बजट अनुमान        (अुनमान)
2018-19 2019-20 2020-21 2021-22
1. राजकोषीय घाटा 3.4 3.4 3.0 3.0
2. राजस्‍व घाटा 2.2 2.2 1.7 1.5
3. प्राथमिक घाटा 0.2 0.2 0.0 0.0
4. सकल कर राजस्‍व 11.9 12.1 12.1 12.2
5. गैर-कर राजस्‍व 1.3 1.3 1.3 1.3
6. केन्‍द्र सरकार के ऋण 48.9 47.3 45.4 43.4

(स्रोत : मध्‍यमकालिक राजकोषीय नीति–सह-राजकोषीय नीति रणनीति वक्‍तव्‍य)

 

2019-20 के बजट में गृह मंत्रालय के लिए 1,03,927 करोड़ रुपये आबंटित
पहली बार बजट में गृह मंत्रालय के लिए एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि आबंटित की गई है। केन्‍द्रीय वित्‍त, कॉरपोरेट मामले, रेल और कोयला मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज संसद में 2019-20 का अंतरिम बजट पेश किया। इस बजट में गृह मंत्रालय के लिए 1,03,927 करोड़ रुपये आबंटित किये गये हैं। यह राशि मंत्रालय के लिए पिछले बजट में आबंटित राशि से 10,477 करोड़ रुपये अधिक है। 2018-19 के लिए संशोधित अनुमान के अनुसार गृह मंत्रालय का कुल खर्च 99,034 करोड़ रुपये आंका गया है।

(करोड़ रुपये में)

 

मंत्रालय 2017-18

वास्‍तविक

2018-19

संशोधित अनुमान से पूर्व

2018-19

संशोधित अनुमान

2019-20

संशोधित अनुमान से पूर्व

गृह मंत्रालय 87,547 93,450 99,034 1,03,927

 

गृह मंत्रालय की कुछ महत्‍वपूर्ण योजनाओं के लिए बजट में किये गये आबंटन का ब्‍यौरा

(करोड़ रुपये में)

 

योजनाएं 2017-18

वास्‍तविक

2018-19

संशोधित अनुमान से पूर्व

2018-19

संशोधित अनुमान

2019-20

संशोधित अनुमान से पूर्व

पुलिस बलों का आधुनिकीकरण 2,546 3,157 3,192 3,378
पुलिस बुनियादी ढांचा 4,545 4,750 4,836 5,117
सीमा बुनियादी ढांचा और प्रबंधन 2,022 1,750 2,001 2,000
सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम 1,100 771 771 825
प्रवासियों और विस्‍थापितों के लिए राहत और पुनर्वास 1,057 787 1,048 809
स्‍वाधीनता सेनानियों के लिए (पेंशन और अन्‍य लाभ) 760 775 858 953
महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण का अभियान 945 1,366 1,156 1,330

:

राज्‍यों और संघ शासित प्रदेशों के लिए आपदा राहत के वास्‍ते संसाधनों के हस्‍तांतरण का ब्‍यौरा

(करोड़ रुपये में)

 

 

मद 2017-18

वास्‍तविक

2018-19

संशोधित अनुमान

2019-20

संशोधित अनुमान से पूर्व

एनडीआरएफ से राज्‍यों के लिए मदद 4,723 10,000 10,000
एसडीआरएफ के लिए वित्‍तीय मदद 9,383 9,852 10,344

 

अंतरिक्ष टेक्नॉलोजी के लिए बजट में अधिक आवंटन
संसद में 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि अगले दशक के लिए हमारे विजन के सात पहलुओं का उद्देश्‍य बाह्य आकाश है। हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम गगनयान के साथ भारत सेटेलाइट का लॉंच पैड हो गया है और 2022 तक अंतरिक्ष में भारतीय अंतरिक्ष यात्री को भेजने के हमारे इस विजन को दिखाता है।

अंतरिक्ष विभाग की कुछ प्रमुख योजनाओं के लिए बजट आवंटन इस प्रकार है :

(करोड़ रू. में)

योजना 2017-18

वास्‍तविक

2018-19

बजट अनुमान

2018-19

संशोधित अनुमान

2019-20

बजट अनुमान

अंतरिक्ष टेक्‍नोलॉजी 5,948 6,576 6,993 7,483
अंतरिक्ष एप्‍लीकेशन 1,540 1,746 1,595 1,885
इनसेट सेटेलाइट प्रणालियां 565 412 1,330 884

 

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