गोयल ने नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के अंतर्गत मुक्त व्यापार का आह्वान किया

Goyal calls for free trade within rules-based multilateral trading system

हमें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में गैर-शुल्क बाधाओं द्वारा उत्पन्न मुद्दों को हल करने के लिए काम करना चाहिए- श्री पीयूष गोयल

भारत जहां कहीं भी अनुचित, अन्यायपूर्ण व्यवहार का सामना करेगा, हम उसका प्रतिकार करेंगे – श्री पीयूष गोयल

“भारत कई महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौतों-एफटीए को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है” – श्री पीयूष गोयल

‘मेड इन इंडिया’ उत्पाद विश्व के लिए एक गारंटी होना चाहिए” – श्री पीयूष गोयल

दुनिया भर में प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ भारतीय विश्वविद्यालयों के सहयोग में वृद्धि का भरोसा दिलाया

“100 करोड़ टीके भारत की ताकत का प्रतीक और हमारे सामूहिक प्रयास का परिणाम है” – श्री पीयूष गोयल

भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के 54वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

22 OCT 2021

वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्री, श्री पीयूष गोयल ने आज नियमों पर आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के अंतर्गत ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ मुक्त व्यापार का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत जहां भी अनुचित या अन्यायपूर्ण व्यवहार का सामना करेगा, वहां पारस्परिक जवाबी कार्रवाई करेगा। श्री गोयल ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में गैर-शुल्क बाधाओं द्वारा उत्पन्न मुद्दों के समाधान की आवश्यकता पर भी जोर दिया। श्री गोयल आज नई दिल्ली में भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के 54वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

भारत की हाल ही में 100 करोड़ कोविड टीकों की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि यह मील का पत्थर 130 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है और भारत की ‘आत्मनिर्भरता’ का प्रमाण है। श्री गोयल ने कहा कि यह अपनी क्षमताओं का सर्वोत्तम संभव सीमा तक लाभ उठाने और पूरी दुनिया की जरूरतों को पूरा करने का संकल्प था।

श्री पीयूष गोयल ने कहा कि दीक्षांत समारोह वह महत्वपूर्ण समारोह है जो ‘ज्ञान के अधिग्रहण’ से ‘ज्ञान के अनुप्रयोग’ की ओर बढ़ते स्नातक छात्रों की यात्रा के अगले चरण को चिह्नित करता है।

उन्होंने 1963 में स्थापना के बाद से भारत के विदेश व्यापार में अत्यधिक योगदान देने के लिए भारतीय विदेश व्यापार संस्थान-आईआईएफटी की सराहना की। उन्होंने कहा कि आईआईएफटी को अपने मजबूत ज्ञान और संसाधन आधार के लिए व्यापक रूप से मान्यता दी गई है और इसे लगातार एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अग्रणी व्यापार स्कूलों में स्थान दिया गया है।

भारत में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रतिबद्ध और जीवंत नेतृत्व की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए, श्री पीयूष गोयल ने छात्रों को सर्वोत्तम प्रौद्योगिकी, विदेशी कानून, अर्थशास्त्र और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए अवसर बढ़ाने का आह्वान किया। भारतीय विश्वविद्यालयों के दुनिया भर में प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ गठजोड़ का आह्वान करते हुए उन्होंने भारतीय विश्वविद्यालयों से ऐसे संस्थानों के साथ निरंतर सहयोग करने के लिए कहा।

उद्योग के साथ बड़े पैमाने पर जुड़ने के लिए शैक्षणिक संस्थानों को प्रोत्साहित करते हुए, श्री गोयल ने छात्रों को निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए कहा। ऑनलाइन शिक्षा द्वारा प्रदान किए जाने वाले अवसरों की बात करते हुए, श्री गोयल ने ऑनलाइन और हाइब्रिड मोड में शिक्षा प्रदान करने की दिशा में और अधिक अन्वेषण करने का आह्वान किया।

श्री पीयूष गोयल ने छात्रों से कहा कि वे वर्तमान समय की सामूहिक स्मृति में सबसे विघटनकारी घटनाओं में से एक के बीच स्नातक कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोविड के बाद के ‘न्यू नॉर्मल’ में, हम अब पुराने नियमों के साथ आगे नहीं चल सकते। उन्होंने व्यवहारिक, पारंपरिक सोच और प्रक्रियाओं को फिर से उन्मुख करने के लिए कोविड महामारी के कारण उत्पन्न विघटनकारी बाधाओं का सदुपयोग करने का आह्वान किया। विदेश व्यापार में अपने बहुमुखी अनुभव से दो सौ गुना अधिक की पेशकश करते हुए, श्री गोयल ने छात्रों से ‘सीखें, फिर से सीखें और दोहराएं’ का आग्रह किया।

श्री पीयूष गोयल ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने संकट को अवसर में बदलने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि भारत को एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में देखा जा रहा है और हम समान विचारधारा वाले देशों जैसे यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात-यूएई के साथ मुक्त व्यापार समझौतों-एफटीए के शीघ्र सम्पन्न करने के लिए जुड़ रहे हैं।

बुनियादी ढांचे और बहुपक्षीय सम्पर्क के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान जैसे भारत के महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए, श्री गोयल ने कहा कि साइलो को तोड़कर और तालमेल बनाकर देश में बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए नियोजित, स्पष्ट प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हम जो कुछ भी करते हैं उसमें गुणवत्ता और उत्पादकता लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ उत्पाद दुनिया के लिए एक गारंटी होना चाहिए”।

श्री गोयल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत के निर्णायक नेतृत्व, मजबूत उद्योग, जीवंत मीडिया और कानून के शासन को बनाए रखने के उसके संकल्प ने भारत को विश्व देशों का एक विश्वसनीय भागीदार बनाया है।

इस बात पर अफसोस जताते हुए कि भारत अतीत में कई अवसरों को प्राप्त करने से चूक गया था, श्री गोयल ने आशा व्यक्त की कि अब हम विकास के लिए उपलब्ध हर अवसर का लाभ उठाने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा, “अतीत रास्ते का एक पत्थर है, मील का पत्थर नहीं।”

यह देखते हुए कि समकालीन भारत आश्वस्त था और फिर भी असंतुष्ट था, उन्होंने कहा कि असंतुष्ट, आत्मविश्वासी लोग ही दुनिया को बदल देंगे। उन्होंने भारतवासियों से कभी भी कम पर समझौता नहीं करने और भारत को वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर, श्री गोयल ने स्नातक करने वाले विद्यार्थियों को उत्कृष्टता के लिए कई पुरस्कार प्रदान किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.