ईपीसीएच प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से सहयोग की मांग की

EPCH DELEGATION SEEKS FINANCE MINISTER SUPPORT

20 सितंबर 2021

नई दिल्ली – संसद सदस्य (राज्य सभा) श्री सैयद जफर इस्लाम के नेतृत्व में हस्तशिल्प निर्यातकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस मुलाकात में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष श्री राजकुमार मल्होत्रा भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने हस्तशिल्प क्षेत्र (डीएफआईसी) के लिए आवश्यक उपकरणों और ट्रिमिंग्स के शुल्क मुक्त आयात की बहाली, जोखिम वाले निर्यातकों पर से आईईसी अलर्ट हटाने, विशेष रूप से हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए निर्यात उत्पादों (आरओडीटीईपी) दरों पर शुल्क और करों की छूट समेत विभिन्न मुद्दों को उठाया साथ ही हाल ही में घोषित आरओडीटीईपी दरों पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर ईपीसीएच के महानिदेशक डॉ. राकेश कुमार, और श्री अवधेश अग्रवाल, महासचिव, मुरादाबाद हस्तशिल्प निर्यातक संघ भी उपस्थित थे। श्री मल्होत्रा ने कहा कि मंत्री ने सभी मुद्दों को धैर्यपूर्वक सुना और विश्वास जताया कि बैठक के सकारात्मक परिणाम आएंगे।

श्री मल्होत्रा ने बताया कि विभिन्न हस्तशिल्प उत्पाद श्रेणियों के लिए हाल ही में घोषित आरओडीटीईपी दरों का औसत लगभग 0.7% है । इन दरों की घोषणा के बाद से हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए दरों पर पुनर्विचार की व्यापक मांग उठ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज की बैठक से हमें अपने मुद्दों को सुलझाने में मदद मिलेगी और यह क्षेत्र विकास की गति को जारी रख सकता है।

इस अवसर पर डॉ. कुमार ने कहा कि शुल्क मुक्त आयात के प्रावधान ने हस्तशिल्प निर्यातकों को अपने उत्पादों को उच्चीकृत करने के लिए वस्तुओं जैसे लाइटिंग और लैंप, फैशन के आभूषण, लकड़ी के हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों आयात करने को प्रोत्साहित किया है। इससे इन उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रचलित चलन और वरीयताओं के अनुसार गुणवत्ता बढ़ाने में मदद की है। मुरादाबाद, जयपुर, जोधपुर, सहारनपुर और अन्य शिल्प समूहों के हस्तशिल्प निर्यातकों द्वारा नियमित रूप से लीक से हटकर और नवीन वस्तुओं का उत्पादन और दुनिया भर के विभिन्न देशों में निर्यात किया जाता है और यह हस्तशिल्प के निर्यातकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

श्री अवधेश अग्रवाल, महासचिव, मुरादाबाद हस्तशिल्प निर्यातक संघ ने जोखिम भरे निर्यातकों के संबंध में मामला उठाया और एनालिटिक्स एंड रिस्क मैनेजमेंट महानिदेशालय (डीजीएआरएम) से निर्यातकों को उनका जीएसटी रिफंड प्राप्त करने में मदद करने की मांग की। उन्होंने एमईआईएस के तहत अवरुद्ध धन से संबंधित मुद्दा भी उठाया (हालांकि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आश्वासन जारी किया गया है) और अवरुद्ध पूंजी की समस्या को कम करने के लिए धन की शीघ्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आज की बैठक उम्मीद है कि हमें हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए समर्थन प्राप्त करने में मदद मिलेगी और हाल के महीनों में निर्यात वृद्धि को भी हम बनाए रख सकेंगे।

डॉ. राकेश कुमार ने वित्त मंत्री को आगामी 52वें आईएचजीएफ दिल्ली मेला- ऑटम, 2021 के लिए निमंत्रण भी दिया, जो 28-31 अक्टूबर, 2021 को इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली एनसीआर में आयोजित होने वाला है।

वित्तीय वर्ष 2020-21 की अप्रैल-मार्च अवधि के लिए हस्तशिल्प निर्यात का अनुमानित आंकड़ा 25679.98 करोड़ रुपये (3459.75 मिलियन अमेरिकी डालर) है। बीते वर्ष की इसी अवधि की तुलना में रुपये के संदर्भ में इसमें 1.62% की आंशिक वृद्धि और डॉलर के संदर्भ में (-) 2.93% प्रतिशत की गिरावट दर्ज है। हालांकि वर्ष 2021-22 के अप्रैल-अगस्त माह (तदर्थ) में कुल निर्यात 12342.66 करोड़ रुपये (1667.54 मिलियन अमरीकी डॉलर) दर्ज किया गया है। निर्यात का यह आंकड़ा पिछले वर्ष तुलना में रुपये के संदर्भ में 71.77% और डॉलर के संदर्भ में 75.57% वृद्धि दर्शाता है। 

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