मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी प्रदान की

The Union Cabinet chaired by Prime Minister Modi has approved important schemes

15 DEC 2021

कैबिनेट ने भारत में सेमीकंडक्टरों और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास के लिए कार्यक्रम को मंजूरी दी
आधारभूत बिल्डिंग ब्लॉक के रूप में सेमीकंडक्टरों वाली इलेक्ट्रॉनिक सामग्रियों के निर्माण के लिए भारत को वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से 2,30,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि
भारत में सेमीकंडक्टरों और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास के लिए 76,000 करोड़ रुपये (10 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक) की स्वीकृति
इस सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) की स्थापना


केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और भारत को इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से,  देश में सेमीकंडक्टरों और डिस्प्ले   इकोसिस्टम के विकास के लिए व्यापक कार्यक्रम को मंजूरी दी है। यह कार्यक्रम सेमीकंडक्टरों और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ डिजाइन के क्षेत्र में कंपनियों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रोत्साहन पैकेज प्रदान करके इलेक्ट्रॉनिक सामग्रियों के निर्माण में एक नए युग की शुरुआत करेगा। यह सामरिक महत्व तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता के इन क्षेत्रों में भारत के प्रौद्योगिकीय नेतृत्व के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रुपे डेबिट कार्ड और कम राशि वाले भीम-यूपीआई लेन-देन (पी2एम) को बढ़ावा देने के लिए एक प्रोत्साहन योजना को मंजूरी
इस योजना का एक वर्ष के लिए वित्तीय परिव्यय 1,300 करोड़ रुपये है
भुगतान के इन डिजिटल तरीकों से औपचारिक बैंकिंग एवं वित्तीय प्रणाली से बाहर और बैंक सुविधा से वंचित एवं हाशिए पर रहने वाली आबादी के लिए भुगतान की सुविधा सुलभ हो जायेगी


केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने आज रुपे डेबिट कार्ड और कम राशि वाले [2,000 रुपये तक] भीम-यूपीआई लेन-देन [उपयोग करने वाले व्यक्ति-से-व्यापारी (पी2एम)] को बढ़ावा देने के लिए एक प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है।

इस योजना के तहत सरकार द्वारा अधिग्रहण करने वाले बैंकों को रुपे डेबिट कार्ड और कम मूल्य वाले भीम-यूपीआई भुगतान के माध्यम से किए गए लेन-देने के मूल्य (पी2एम) का प्रतिशत भुगतान करके प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना का 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी एक वर्ष की अवधि के लिए अनुमानित वित्तीय परिव्यय 1,300 करोड़ रुपये है।

कैबिनेट ने भारत और पोलैंड के बीच आपराधिक मामलों में परस्पर कानूनी सहायता से संबंधित संधि को मंजूरी दी


केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत गणराज्य और पोलैंड गणराज्य की सरकारों के बीच आपराधिक मामलों में परस्पर कानूनी सहायता से सम्बन्धित संधि को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य परस्पर कानूनी सहायता के माध्यम से आतंकवाद से संबंधित अपराधों समेत अन्य अपराधों की जांच और अभियोजन में दोनों देशों की क्षमता और प्रभावशीलता में वृद्धि करना है।

मंत्रिमंडल ने 2021-26 के लिये प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के क्रियान्वयन को मंजूरी दी
93,068 करोड़ रुपये का प्रावधान, जिसमें राज्यों के लिये 37,454 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल

लगभग 22 लाख किसानों को फायदा, जिसमें 2.5 लाख किसान अनुसूचित जाति और दो लाख किसान अनुसूचित जनजाति वर्ग के
90 प्रतिशत अनुदान दो राष्ट्रीय परियोजनाओं – रेणुकाजी (हिमाचल प्रदेश) और लखवार (उत्तराखंड) को– दोनों परियोजनाएं दिल्ली तथा अन्य प्रतिभागी राज्यों (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, हरियाणा और राजस्थान)को जलापूर्ति के लिये तथा यमुना नदी के उद्धार के लिये महत्त्वपूर्ण
त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (एआईबीपी) के तहत 13.88 लाख हेक्टेयर की अतिरिक्त सिंचाई क्षमता
एआईबीपी के तहत शामिल नई परियोजनाओं सहित 60 चालू परियोजनाओं को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित
30.23 लाख हेक्टेयर का कमान क्षेत्र विकास कार्य
‘हर खेत को पानी’ के तहत लघु सिंचाई और जल स्रोतों के उद्धार के जरिये 4.5 लाख हेक्टेयर रकबे की सिंचाई तथा उपयुक्त प्रखंडों में 1.52 लाख हेक्टेयर भूजल सिंचाई
49.5 लाख हेक्टेयर वर्षा सिंचित/अनुपजाऊ भूमि संबंधी वॉटरशेड परियोजनाओं को पूरा करना, ताकि संरक्षित सिंचाई के तहत अतिरिक्त

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 93,068 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ 2021-26 के लिये प्रधानमंत्री कृषि संचाई योजना (पीएकेएसवाई) के क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी है।

सीसीईए ने राज्यों के लिये 37,454 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता तथा पीएमकेएसवाई 2016-21 के दौरान सिंचाई विकास के लिये भारत सरकार द्वारा लिये गये ऋण को चुकाने के सम्बंध में 20,434.56 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं।

त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (एआईबीबी), हर खेत को पानी (एचकेकेपी) और भूमि, जल व अन्य विकास घटकों को 2021-26 में जारी रखने को भी मंजूरी दी गई।

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